दोस्तों अक्सर अपने न्यूज़ में या फिर अपने दोस्तों से या आसपास में कहीं ना कहीं पर सुना होगा कि किसी का व्हाट्सएप हैक हो गया किसी का मोबाइल फोन हैक हो गया किसी का बैंक अकाउंट हैक हो गया और उनके अकाउंट से पैसे निकल गए तो आपके मन में कभी ना कभी यह सवाल आया होगा कि हम क्या गलतियां करते हैं जिसके कारण हैकर हम तक पहुंचाते हैं हमारे आइडेंटिटी को ट्रैक करते हैं वह आपके मन में यह क्वेश्चन भी आया होगा कि है कर से कैसे बचें तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आप हैकर से कैसे बच सकते हो क्योंकि हैकर के लिए आपकी एक छोटी सी जानकारी बहुत मायने रखती है और उसे छोटी सी जानकारी से वह आप तक पहुंचाते हैं आपके उत्तर को चोरी करते हैं उनका हक भी करते हैं और यहां तक की आपको परेशान करते हैं अगर आपके पास 40 ₹50000 हैं तो उसको भी उठा ले जाते हैं तो आज किस आर्टिकल में बस हमेशा इसी बात को समझेंगे तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना
दोस्तों अगर आप हैकर से बचना चाहते हो तो सबसे पहले आपको डाटा सेफ्टी का बहुत ही ध्यान रखना होगा अगर आप कोई ऐसा एप्लीकेशन इनस्टॉल करते हो जो की प्ले स्टोर पर नहीं है या फिर एप स्टोर या फिर एप्पल के स्टोर पर नहीं है तो आपको सबसे पहले उसे एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने के बाद मेंआपको मालवेयर एंटीवायरस स्कैन कर लेना है क्योंकि हो सकता है आपने जो एप्लीकेशन को इंस्टॉल किया उसमें कोई मालवेयर हो ट्रोजन हो वायरस हो जो आपकी डाटा को चोरी करके है करके पास पहुंचा सकता है तो सबसे पहले जब आप कोई एप्लीकेशन इंस्टॉल करो तो उसको स्कैन करो इसीलिए हर मोबाइल कंपनी शुरुआत से ही एक स्कैनर देती है जो कि आपका फोन के अंदर ट्रोजन वायरस मालवेयर का पता लगती है कुछ वेबसाइट ऐसे हैं जो की 100% जेनुइन अप रखते हैं जिनमे कोई भी मालवेयर नहीं होता
अप टू डाउन एप स्टोर और एपीके प्योर स्टोर यह दोनों भी एप्लीकेशन के स्टोर है अगर आप चाहो तो यहां से भी आप एप्लीकेशन को इंस्टॉल कर सकते हो यह वेबसाइट ऐसी वेबसाइट है जो एप्लीकेशन को स्कैन करती हैं उसके बाद में अपने एप्लीकेशन स्टोर पर पब्लिश करते हैं तो अगर आप यहां से भी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करते हो तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन हां आप वहां सिक्योरिटी चैकअप जरूर कर लेना
अगर आप किसी अंजनी वेबसाइट पर जाते हो अंजनी लिंक पर क्लिक करते हो तो उसके बारे में सबसे पहले आपको समझ लेना है हो सकता है वह वेबसाइट जिस पर आप विकसित किए हो वह ट्रोजन से भरी हुई हो वायरस से भरी हुई हो और जब आप उसे वेबसाइट पर विकसित करो तो वह आपके फोन में मालवेयर को डाल दे इंस्टॉल कर दे और वह आपका डाटा चोरी कर ले तो इसके लिए सबसे बढ़िया सेटिंग है आपको अपने फोन में सेफ ब्राउजर सेटिंग ऑन कर लेना है इसके लिए सबसे पहले आपको गूगल ऐप को खोलना है और वहां पर सेटिंग में जाना है और वहां पर लिखा रहेगा से सर्च ठीक है उसको आपको चालू कर लेना है तो इसे क्या रहेगा कि आप किसी अगर ब्रोच करते हो या किसी वेबसाइट पर जाते हो तो गूगल पहले ही उन वेबसाइट को स्कैन कर लेता है उसके बाद में आपको रिकमेंड करता है उसके बाद में आप उसे वेबसाइट पर विजिट करते हो
दूसरा सेटिंग है आपको अपने जीमेल ऐप में जाना है और वहां पर जिस नाम से आपका नाम है वहां पर उसे नाम का लोगो बना रहेगा जैसे एच आई जे के कुछ भी हो सकता है उसे पर जाना है उसके बाद में गूगल अकाउंट पर क्लिक करके उसके बाद में आपको सेफ सर्च ऑन कर लेना है इसे चालू करते ही जब भी आप किसी भी वेबसाइट पर जाओगे तो गूगल सबसे पहले उसको स्कैन कर लेगा अगर उसे एप्लीकेशन में या वेबसाइट में मालवेयर हैं इट्रोजन है वायरस है तो वह वेबसाइट गूगल आपको नहीं शो करेगा और आपका डाटा बचा रहेगा
दोस्तों इसके साथ-साथ आपको एक काम और भी करना है कि अगर आप कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करते हो तो उसे डिलीट करने से पहले उसे उसने जो जो परमिशन लिया है उसको डिलीट कर देना है साथ-साथ एप्लीकेशन का जो भी डाटा है उसे भी आपको डिलीट कर देना है ताकि वह आपके फोन में जितने भी उसका उत्तर है वह ना रहे और वह वायरलेस कनेक्टिविटी इंटरनेट के जरिए सारों पर आपका जितना भी डाटा है अपलोड ना करें इसे क्या होता है कि आपका जो भी डाटा है जैसे बैंक अकाउंट डिटेल हो गया यूपीआई आईडी हो गया और पासवर्ड हो गया जितनी भी जानकारियां रहती हैं वह से रहती है वह आपके फोन में रहती हैं
साथ-साथ आपको यह काम एक और काम करना है आपका फोन में जितने भी काम के पासवर्ड हैं देखिए दोस्तों हम सब कई बार इंटरनेट पर बहुत सारे काम करते हैं और लोगों साइन अप करते हैं सिस्टम बनाते हैं तमाम प्रकार की वेबसाइट पर विजिट करते हैं तो उसे समय हमें काम करना है कि जितनी भी वेबसाइट पर अगर हम लोगों साइन अप करते हैं तो उसमें हमने कौन सा नाम डाला है उसका मैंने पासवर्ड क्या बना है वह सारी चीजों को आपको किसी कॉपी में लिख लेना है और उसे कॉपी को सुरक्षित जहां पर रख देना ताकि वह कहां कहीं पर कोई ना इसे क्या रहता है कि हमारा डाटा और भी सेफ रहता है हमारा डाटा कोई उसे भी नहीं कर सकता
दोस्तों साथ-साथ अगर आप कोई एप्लीकेशन इनस्टॉल करते हो जो की प्ले स्टोर पर नहीं है तो आपको हर रोज स्कैन कर लेना चाहिए प्ले स्टोर भी हमारे जितने भी एप्स होते हैं जो कि हमारे फोन में डाउनलोड रहते हैं उनको रोज स्कैन करता है आपको पता हो या ना हो लेकिन हर 24 घंटे में एक बार प्ले स्टोर हमारे जितने भी एप्स हैं हमारे फोन में जितने भी ऐप डाउनलोड है उन सभी को स्कैन करता है
साथ-साथ आपको किसी भी अंजनी वेबसाइट पर नहीं जाना है और किसी के बहकावे में या फिर फ्री रिचार्ज के चक्कर में नहीं आना है क्योंकि आजकल मैं देख रहा हूं कि व्हाट्सएप पर मोबाइल फ्री रिचार्ज का जो भी ट्रेडिंग वेबसाइट है बहुत ट्रेंड कर रहा है और लोग फ्री में रिचार्ज पाने के चक्कर में अपने दोस्तों के पास ऐसे लिंग को शेयर भी कर रहे हैं मात्र ₹300 बचाने के लिए ना जाने कितने लोगों का डाटा हैकर के पास चला जाता है और वह फिर आपके पास फर्जी कॉल करते हैं ओटीपी मांगते हैं और बिना जाने क्या-क्या डिटेल मांगते हैं आपको भड़कते हैं और आप गलती करके अगर कभी-कभी अपना कोई आइडेंटिटी जैसे आधार कार्ड हो गया बैंक पासबुक कुछ भी दे देते हो तो वह आपका अकाउंट हिसाब कर देते हैं तो अगर अब से आपका फोन पर कोई भी फ्री रिचार्ज वाला कोई भी वेबसाइट आए या कोई आपके पास किसी वेबसाइट का लिंक शेयर करें तो कृपया उसे वेबसाइट पर विकसित न करें हो इससे आपकी पर्सनल डाटा को खतरा हो सकता है
अगर आपको कोई फ्री रिचार्ज के चक्कर में कोई लिंक शेयर करता है चाहे वह आपका दोस्त ही क्यों ना हो तो आप उसे मैसेज कर दो कि भाई यह जो आपने लिंक शेयर किया है एक फर्जी वेबसाइट है जो कि हमारा डाटा जिसे फोन नंबर हो गया हम किस कंपनी का फोन नंबर उसे कर रहे हैं और एक्स्ट्रा बहुत सारे डेटा को वह हमसे ले लेते हैं और उसके बाद में हमारे पास फर्जी कॉल आते हैं कि आपने अपना मोबाइल नंबर वेरीफाई नहीं कराया है आपका केवाईसी कंप्लीट नहीं हुआ है और न जाने क्या-क्या बवाल आते हैं यहां तक की कभी-कभी हमारे घर पर फर्जी डॉक्यूमेंट भी आ जाते हैं और वह हमसे कहते हैं कि भैया आपको इस दीवार कोड को स्कैन करना है और जैसे ही हम वह कर कोड स्कैन करते हैं हमारे बैंक का सहारा रुपया पैसा जितनी भी सब कुछ होता है हमारा पूरा बैंक जीरो बैलेंस में कन्वर्ट हो जाता है तो इसीलिए कभी भी आप फ्री रिचार्ज के चक्कर में किसी भी वेबसाइट पर न जाए और ना ही किसी वेबसाइट पर क्लिक करें तो आशा करता हूं आए करते बचाने में आपको काफी मदद मिलेगी मिलते हैं फिर किसी नए धमाकेदार शानदार ईमानदार आर्टिकल में
