जब कभी हम कलयुग के बारे में बात करते हैं तब हमारे मन में एक सवाल आता है आखिर कलयुग का अंत कैसे होगा कलयुग के अंत की निशानी क्या होगी और कई लोग तो यह भी पूछते हैं कि जब भगवान सर्वव्यापी है वह हर जगह विद्यमान है तो आप मेरी पूजा करो मंदिर में क्यों जाते हो ऐसे ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं फिलहाल आज के इस पोस्ट में मैं आपको इन सभी प्रश्नों के जवाब दूंगा वैसे यह प्रश्न सही भी है कि अगर भगवान सर्वव्यापी है तो हम एक दूसरे की पूजा क्यों नहीं करते हैं चलो ठीक है हम तुलसी की पूजा करते हैं नीम की पूजा करते हैं लेकिन अगर भगवान सर्वव्यापी है तो फिर हम सागवान शीशम आदि की पूजा क्यों नहीं करते इन सभी प्रश्नों के जवाब आपको इस पोस्ट में मिलेंगे और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आता है और अगर आपको ऐसा लगता है कि आपका इन प्रश्नों के जवाब मैं बहुत ही अच्छी तरह से बताए हैं तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना जो इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ रहे हैं क्योंकि हो सकता है आपके किसी दोस्त ने आपसे इस प्रश्न के बारे में जरूर बात की हो
कलयुग का अंत कब होगा
सबसे पहले हम यह समझते हैं कलयुग का अंत कैसे और कब हुआ क्योंकि आज भी कुछ लोगों की मन में कंफ्यूजन है कुछ लोगों का मानना है कलयुग समाप्त होने वाला है और कुछ लोगों का मानना है कलयुग अभी बच्चा है कुछ लोग कहते हैं कलयुग इस समय आखिरी अवस्था में है तो कुछ लोग कहते हैं कि जब कलयुग आखिरी अवस्था में होगा मतलब कि कलयुग बूढ़ा होगा तब उसे समय इंसान बहुत छोटी-छोटी हो जाएंगे इतने छोटे की जो इस समय हम सब खिलौने उसे करते हैं अपने बच्चों को खुश रखने के लिए उतने छोटे इंसान हो जाएंगे फिलहाल इन सभी के जवाब आपको इस पोस्ट में मिल जाएंगे तो चलिए सबसे पहले हम यह समझते हैं कलयुग का अंत कैसे होगा उसकी निशानी क्या होगी
यह बात उसे समय की है जब भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को गीता का ज्ञान दे रहे थे और उन्होंने अर्जुन को चारों युगों के बारे में बताया किस युग में किस तरह के लोग रहेंगे किस तरह से उनका रहन-सहन रहेगा इन सभी के बारे में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को बताया लेकिन जब वह कलयुग का जिक्र कर रहे थे तो कभी-कभी उनके मुख पर चिंता हो जाती थी जिसे देखकर अर्जुन भी आश्चर्य चकित रहे जाते आखिर जब माधव कलयुग के बारे में बात करते हैं तब उनके मुख पर तेज क्यों नहीं रहता उसे समय वह इतना चिंतित क्यों हो जाते हैं इसी बात को समझने के लिए अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण से बोल "हे माधव आपने मुझे चारों युगों के बारे में बताया लेकिन जब आप कलयुग के बारे में मुझे बता रहे हैं तो आपके इस शोभा मंडल पर यह उदासी कैसे तब उसे समय भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को कलयुग के बारे में बताते हैं हे पार्थ में कलयुग में हो रहे अन्य धर्म पाप एवं भ्रष्टाचार को देखकर चिंतित हूं। तब अर्जुन पूछते हैं हे माधव आखिर ऐसा कलयुग में क्या होगा जिसे देखकर आप इतनी चिंतित हो जाते हैं। उसे समय माधव कहते हैं यह पार्थ कलयुग में धर्म का राज्य होगा जो लोग धार्मिक काम करेंगे लोगों की मदद करेंगे वह अक्षर दुखी रहेंगे साधु संतों की हत्याएं होगी उनको लोग पाखंडी बोलेंगे । यहां तक की कुछ लोग साधु संतों की भेस में गांव-गांव भरण करेंगे और गांव का माहौल चेक करेंगे उसके बाद में वहां पर लोड बात होगी हत्याएं होंगे ।
यहां तक की कभी-कभी कुछ लोग मेरा सबूत मांगेंगे कि मैं वास्तव में हूं और दोस्तों आप अच्छी तरह से इस बात को जानते हैं जब भगवान श्री राम का मंदिर बन रहा था तो किस तरह से भगवान श्री राम को न मानने वाले उनका प्रमाण मांग रहे थे यह बात किसी से छिपा नहीं है।
साथ साथ माधव ने यह भी बताया कि लोग कभी-कभी अभद्रता से कुछ ऐसे प्रश्न करेंगे जिसका जवाब आम लोगों के पास नहीं होगा और उन्होंने ऐसे प्रश्न के बारे में अर्जुन को बताया भेजो कि मैं आपको बताने वाला हूं माधव ने बोला है हे पार्थ मैं इस संसार में हर जगह पर विद्मान हूं लेकिन मैं हर जगह पर उपस्थित होते हुए भी नहीं हु इस बात को सुनते ही अर्जुन आश्चर्य में पड़ गए और अर्जुन ने कहा माधव में कुछ समझ नहीं। तब उसमें माधव ने बोला यह पार्थ इस समय मैं इस सृष्टि पर हर जगह विद्मान इस सृष्टि में जितने भी काम होते हैं पुण्य होते हैं पाप होते हैं और सब मेरी माया के द्वारा होते हैं। मैंने माया इसलिए बनाया ताकि लोग कामवासना में काम क्रोध लोभ मोह अहंकार आदमी व्यस्त रहे और लोगों को आसानी से भागवत की प्राप्ति ना क्यूंकि मृत्यु लोक पर देवता भी तरसते हैं कि मुझे एक जन्म मिले और मैं भगवत आराधना कर भगवान श्री हरि के चरणों में दिव्य स्थान प्राप्त करूं
उन्होंने बताया इस संसार में माया के अधीन होकर जो लोग दुष्कर्म करेंगे निर्जीवों की हत्या करेंगे साधु संतों पर झूठा आरोप लगाएंगे साधु संतों की हत्याएं करेंगे उन्हें कभी भी भागवत की प्राप्ति नहीं होगी और मैं कलयुग में हर जगह विद्यमान नहीं रहूंगा। क्योंकि लोग मेरी माया के अधीन होने के बाद साधु संतों से अभद्रता से व्यवहार करेंगे उनसे अभद्र प्रश्न करेंगे जिनका जब आप साधु संतों की पास भी नहीं होगा।
उसे समय अर्जुन ने बोला भगवान अगर आप कलयुग में हर तरह विद्वान नहीं रहेंगे तब फिर आपकी उपस्थिति कहां रहेगी लोग कैसे आपके श्री चरणों का आशीर्वाद ले सकेंगे तब श्री माधव ने बोला हे पार्थ कलयुग में मेरी उपस्थिति मंदिरों में होगी।
दोस्तों आप इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं अगर हमें मंदिर जाना होता है उसे दिन हम बहुत ही सफाई के साथ रहते हैं अच्छे एवं साफ कपड़े पहनते हैं उसे दिन कोई भी सनातनी किसी भी जीव की हत्या नहीं करता वह अलग बात है कि भूल बस उसे हत्या हो जाए जिस दिन हमें मंदिर जाना रहता है उसे दिन हम या सोचकर चलते हैं हमारे मुख्य से गाली ना निकले यहां तक कि हम जब मंदिर में पहुंचते हैं तब सबसे पहले अपना मस्तक नीचा करके अपने इष्ट देवी देवताओं को प्रणाम करते हैं उनका आशीर्वाद देते हैं उसे दिन अगर उस समय कोई एक थप्पड़ मार दे या फिर हम किसी को मारते नहीं और ना ही लड़ाई करते हैं।
मतलब कि आप समझ सकते हैं जिस दिन हमें मंदिर जाना रहता है उसे दिन ना तो हम किसी की हत्या करते हैं वह अलग बात है कि भूल बस किसी छोटे जीव की हत्या हो जाए ना ही किसी को गाली देते हैं और ना ही हमारे मन में किसी के प्रति बेर भावना होती है और ना ही हमारे चेहरे पर उसे समय उदासी रहती है।
अब हम इस बात को समझते हैं आखिर कलयुग का अंत कब होगा उसकी निशानी क्या होगी
जब अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण से यह पूछा है माधव आखिर इस कलयुग का अंत कब होगा उसकी निशानी क्या होगी तब माधव ने बहुत ही सरल और बहुत ही अच्छा जवाब दिया उन्होंने बताया हे पार्थ जब कलयुग अपने अंतिम चरण पर होगा उसे समय दैहिक अभियान बहुत ज्यादा होगा मतलब की मैं लखपति हूं मैं करोड़पति हूं मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता मेरा कोई बाल बांका भी नहीं कर सकता। और इस बात को हम सभी अच्छी तरह जानते हैं समय के आगे कोई कुछ नहीं कर सकता। साथ-साथ मधु ने यह भी बताया जब कलयुग अंतिम चरण पर होगा उसे समय पैकेट में अनाज बिकेगा , जल ही जीवन है जल नहीं तो कल नहीं लेकिन कलयुग में यही जल बोतलों में बिकेगा। दोस्तों आप अच्छी तरह से देख सकते हो किस तरह से पानी बेचने वाली कंपनियां लगातार अरबपति ख़राब पति बनती जा रही हैं और लोग धड़ल्ले से बोतल की पानी को पी रहे हैं जब उसे बोतल के पानी में कोई भी न्यूट्रिशन नहीं होता।
साथ साथ माधव ने यह भी बताया कलयुग के अंत में केशों का श्रृंगार होगा । और आप अच्छी तरह से देख सकते हैं आजकल एक से बढ़कर एक हेयर कटिंग स्टाइल आ रहे हैं और लोग बालों का कितना फैशन कर रहे हैं।
दोस्तों इन सभी बातों से साफ-साफ स्पष्ट है कलयुग आप बच्चा नहीं रहा बहुत ही जल्द इस कलयुग का अंत होने वाला है क्योंकि जितने भी मैंने आपको पॉइंट्स बताई हैं अगर आप नोटिस करोगे तो यह सभी बातें सच है और अगर हो सकता है आपको मेरी बातों पर भरोसा ना हो तो आप एक बार गीता पढ़कर जरूर देखें आपको यह बातें उसमें लिखी जरूर मिलेंगे ।
और दोस्तों इस बात को आप अच्छी तरह जानते हो जो हमारे संत लोग हैं जो प्रसिद्ध संत हैं जैसे बाबा बागेश्वर धाम या फिर बाबा श्रद्धानंद जी महाराज यह सभी हर इंसान से एक ही बात कहते हैं आप निर्जीवों पर रहम करो उनकी हत्याएं मत करो जिस तरह से कोई नौकरी चीज हमारे शरीर में चुभती है तो हमें दर्द होता है ठीक उसी प्रकार उनको भी दर्द होता है अगर आप धर्म करोगे तो ऊपर वाला आपको कभी माफ नहीं करेगा आप भगवत आराधना करके भी श्री हरि को प्राप्त नहीं कर सकते
दोस्तों साथ-साथ मैं आपको एक बात और बता दो अगर इसी तरह से सब कुछ चलता रहा तो आने वाले समय में सर लोग दिमागी बीमारी का शिकार होंगे और यह बात में अपने आप से या खुद से नहीं कह रहा हूं यह बात हमारे गीता में भी लिखा है कि जब कलयुग अंतिम चरण पर होगा वह समय लोग धीरे-धीरे दिमागी बिमारी के शिकार होंगे । और आप इस बात को नोटिस कर रहे हैं कुछ लोग आत्महत्या कर रहे हैं कभी आपने सोचा कि वह आत्महत्या क्यों की क्योंकि उनके दिमाग पर इतना दबाव आ गया कि वह अपने दिमाग को कंट्रोल नहीं कर पाए और उन्होंने आत्महत्या कर ली आजकल धीरे-धीरे लोग डिप्रेशन में जा रहे हैं कुछ लोग तो डिप्रेशन में होने के कारण आत्म हत्या कर रहे हैं तो कुछ लोग डिप्रेशन में होने के कारण ड्रग जैसी खतरनाक दावों का सेवन कर रहे हैं ताकि वह उसे दबाव से मुक्त रह सके अब आप ही जरा सोच अगर इसी तरह से चला रहा तो आने वाले समय में लगभग 2 से 3 साल बाद लगभग दुनिया की 70% आबादी डिप्रेशन में चली जाएगी आजकल छोटी-छोटी बच्चे मोबाइल फोन उसे कर रहे हैं और जब उनसे उसे मोबाइल फोन को लेने की कोशिश करो तो किस तरह से हो गुस्सा करते हैं आंखे दिखाते हैं एक समय ऐसा आएगा कि जब मोबाइल फोन नहीं रहेगा उसे समय वह डिप्रेशन में चले जाएंगे कुछ लोग तो आत्महत्या करने लगेंगे कुछ लोगों को ऐसा लगने लगेगा आप तो हमारी जिंदगी ही बेकार है हम जीवित रहकर क्या करेंगे हमें मरना ही सही है। लेकिन अगर आप आत्महत्या करते हैं फिर भी आप मुक्ति नहीं पा सकते आप केवल इस शरीर से मुक्ति पाए हैं आपको आपके कर्मों के अनुसार सजा मिल रही है अगर आप आत्महत्या करते हैं तो आप प्रेत योनि में चले जाते हैं और आपने जो सजा इंसानी शरीर में नहीं भोगी है वह सजा आप प्रीति योनि में जाने के बाद भोंकते हैं यही कर्म का सिद्धांत है जैसा हम कर्म करेंगे वैसा हम फल पाएंगे इसलिए आप अच्छे कर्म करें दूसरों को एवं अपने माता-पिता को कभी भी दुख ना दें दुखियों की हमेशा सेवा करें और उनकी मदद करें बस इन्हीं संभावनाओं के साथ हमें दीजिए इजाजत मिलते हैं फिर एक नई पोस्ट में तब तक के लिए जय हिंद वंदे मातरम।